महमाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

महमाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 

अम्बेडकर नगर। प्रधानाचार्य के तत्वावधान में महमाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकर नगर में यू.जी.सी. के निर्देशानुसार मानसिक रोग विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समय पर पहचान एवं उपचार के लिए प्रेरित करना था।इस अवसर पर डॉ. पारुल यादव, (सहायक आचार्य) एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ ने बताया कि डिप्रेशन, एंजायटी एवं फोबिया, आत्महत्या की रोकथाम के लिए छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों को जागरुक करते हुए उन्होंने कहा कि यह मानसिक बीमारियां किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन समय पर इसकी पहचान, मनोचिकित्सक से परामर्श, नियमित दवा और परिवार के सहयोग से ग्रसित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। तनाव के कारण एंजायटी, डिप्रैशन, डिसोसिएटिव डिसऑर्डर, पैनिक अटैक एवं तनाव संबंधी विकार एवं अन्य मानसिक रोग उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही जीवन में आने वाले उतार चढ़ाव, पारिवारिक एवं सामाजिक चुनौतियों का सकारात्मक रूप से सामना करने तथा तनाव प्रबंधन की विभिन्न उपायों पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने मानसिक रोगों को अंधविश्वास से न जोड़ने तथा वैज्ञानिक उपचार अपनाने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. सुधांशु चंदेल (सहायक आचार्य) मानसिक रोग विशेषज्ञ ने छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों को को डिप्रेशन (अवसाद) के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि लगातार उदासी, किसी भी कार्य में रुचि कम होना, थकान, नींद एवं भूख में बदलाव, निराशा, स्वयं को दोषी मानना तथा आत्महत्या जैसे विचार अवसाद के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं जैसे माइल्ड, मॉडरेट एवं सीवियर डिप्रेशन के लक्षणों, प्रभावों तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिप्रेशन एक उपचार योग्य बीमारी है और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श, काउंसलिंग, दवा तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर इससे पूरी तरह बाहर निकला जा सकता है। उन्होंने तनाव प्रबंधन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद एवं नशे से दूर रहने की भी सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से उत्तर दिया। उपस्थित विद्यार्थियों को बताया गया कि तनाव, चिंता, अवसाद अथवा अन्य आत्महत्या संबंधी विचार आने की स्थिति में टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क कर विशेषज्ञ से निशुल्क एवं गोपनीय परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में नर्सिंग छात्र-छात्रा एवं जूनियर असिस्टेंट की प्रदीप कुमार यादव, काउंसलर श्री विनोद कनौजिया, काउंसलर प्रियम खरे, स्टाफ नर्स अनुराग त्रिपाठी तथा डाटा मैनेजर स्वीटी शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा कार्यक्रम को सफल बनाने में टीचर्स एसोसिएशन का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त एल.टी.-1 से हिमाचल एवं राजित राम का भी विशेष सहयोग रहा। अंत में सभी विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में मानसिक रोगों से जुड़े भ्रम को दूर करने का आह्वान किया गया।