लोकहितम संस्थान ने बेटियों दिया उन्हें खुद को पहचानने का अवसर

 

रवि प्रकाश पाण्डेय संवाददाता

प्रभावती देवी कन्या इंटर कॉलेज में बेटियों ने निभाई विभिन्न पेशों की भूमिका, समाज को मिली नई प्रेरणा

विस्कोहर, संवाददाता।
जनपद के विस्कोहर कस्बे में सोमवार को लोकहितम संस्थान एवं व्यापार मंडल विस्कोहर के अध्यक्ष व वरिष्ठ समाजसेवी प्रभात जायसवाल के नेतृत्व में प्रभावती देवी कन्या इंटर कॉलेज के प्रांगण में नारी शक्ति को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बेटियों को आत्मविश्वास देना और यह संदेश प्रसारित करना था कि वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर सकती हैं।

बेटियों की अद्भुत प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने आईपीएस अधिकारी, डॉक्टर, पायलट, मास्टरशेफ, आर्मी अफसर, वकील, नर्स, गायक, आर्टिस्ट, शिक्षक, एसडीएम जैसी भूमिकाओं को जीवंत कर प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि उनके सपनों को पंख दे।

मुख्य अतिथियों का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी इटवा श्री कुणाल और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज श्री बृजेश वर्मा ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा—
“बेटी सिर्फ नौ दिन पूजनीय नहीं, बल्कि पूरे 365 दिन समाज की सेवा और सुरक्षा करने वाली शक्ति है। आज की बेटी ही कल का भविष्य है और इन्हीं के कंधों पर एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखी जाएगी।”

संस्थान का संकल्प

संस्थान के प्रबंधक अंकित सिंह ने कहा—
“नारी के बिना इस संसार की कल्पना ही अधूरी है। वह मां, बहन और समाज निर्माता के रूप में सदैव पूजनीय है।”

वहीं संस्थान अध्यक्ष प्रभात जायसवाल ने कहा—
*”लोकहितम संस्थान केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेटियों के सपनों को उड़ान देने के लिए हर संभव सहयोग करेगा। यदि भारत को सुपर पावर बनाना है तो उसमें महिलाओं का योगदान सबसे आगे होगा। बेटी को ‘दुहिता’ कहा गया है—जिसका अर्थ है कुल का हित करने वाली।”

जनसहभागिता और सराहना

कार्यक्रम में थाना अध्यक्ष रामदेव, मिशन शक्ति प्रभारी कृष्ण कुमार पांडे, इंद्रा तिवारी, नीलम यादव, उप प्रबंधक सूर्यकांत गुप्ता, सूर्यांश गुप्ता, शिक्षक दिलीप चौधरी, आनंद गोपेश दूबे सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षणकर्मी, समाजसेवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभी ने छात्राओं की प्रस्तुतियों और संस्थान की इस पहल की सराहना की। अभिभावकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बेटियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ता है और समाज में बेटियों की महत्ता और स्पष्ट होती है।

प्रेरणादायी समापन

कार्यक्रम का समापन “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” और “नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति” जैसे नारों से हुआ। पूरा परिसर गूंज उठा और छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेंगी, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाकर दिखाएँगी।