बस्ती: केंद्रीय जेल वाराणसी में 14 साज से सजा काट रहे कैदी रमेश पुत्र मंटेक उर्फ मंटेकू की सजा पूर्व रिहाई की प्रक्रिया के तहत वहां के वरिष्ठ अधीक्षक ने जिलाधिकारी से उसका नामिनल रोल मांगा है। यह कदम राज्य सरकार की जेल सुधार नीति एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसके अंतर्गत योग्य कैदियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार किया जा रहा है। वरिष्ठ ने डीएम बस्ती को लिखे पत्र में बताया कि सजा पूर्व रिहाई के लिए संबंधित कैदी के आचरण, व्यवहार, अपराध की प्रकृति, सजा की अवधि, समाज में पुनर्वास की संभावना, और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। इसके लिए कैदी का नामिनल रोल, यानी उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि, सजा की अवधि, जेल में अब तक का व्यवहार, और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता की रिपोर्ट तैयार की जाती है। यह रिपोर्ट आने के बाद ही कैदी की समय पूर्व रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। स्थानीय पुलिस रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि रिहाई से पहले संभावित खतरे या आपत्ति का मूल्यांकन किया जा सके। केंद्रीय जेल प्रशासन सजा काट रहे कैदी रमेश की सूची तैयार करवा है। वह सजा का एक बड़ा हिस्सा काट चुका है और इसका आचरण जेल में संतोषजनक रहा है। इन मामलों की समीक्षा जिला स्तरीय समिति करती है, जिसमें डीएम, एसपी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल होते हैं।जिन कैदियों को सुधार की दिशा में प्रगति करते हुए पाया जाता है और जिनसे समाज को कोई खतरा नहीं है, उन्हें समयपूर्व रिहाई का अवसर दिया जाता है, ताकि वे एक बार फिर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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