बहराइच सिलसिला ए अबुल उलाईया कादिरया के अज़ीम बुज़ुर्ग हज़रत ख़्वाजा सूफी नियमत अली शाह रह० का दो दिवसीय उर्स ए मुबारक पूरी श्रद्धा और मोहब्बत के साथ मनाया गया। पीर ए तरीक़त अल्हाज सूफी नूर मोहम्मद शाह की अध्यक्षता एवं संयोजन में नियमत नगर पूरे तिवारी गांव प्रतापगढ़ में आयोजित तरही मनकबती मुशायरा जिसमें अलग अलग दो मिसरो (रोज़ बादर की तरह फ़ैज़ बरसता देखूं) (मेरा नियमत अमानत खानदान ए बुल उलाई है)का संचालन सूफी रईस सिद्दीकी बहराइची ने किया।इस मौके पर कारी एख़लाक़ कादरी टीकमगढ़, बादशाह आलम कौशांबी,लईक अहमद कौशांबी,शकील गयावी, इज़हार शाहजहांपूरी, इकबाल अकरम वारसी लखीमपुर-खीरी,सग़ीर नूरी बाराबंकवी,आलम फैजाबादी,फौक़ बहराइच,मेराज शिवपूरी, हफीज़ सुल्तानपूरी,लईक सुल्तानपुरी, सूफी कासिम इलाहाबादी, जुनैद अशरफी सुल्तानपुरी, सूफी सफदर अली मुम्बई, मोहम्मद जमा टाण्डवी,ज़ाहिद नूरी,कादिर झारखण्डी, मुर्शिद अली उड़ीसा,कारी जमील अख्तर, सूफी सफदर क़ादरी नूरी,कामिल अमेठवी,मुजीब इलाहाबादी, आरिफ़ रज़ा इलाहाबादी अज़ीम रज़ा कौशांबी व सदर ए मुशायरा सूफी नूर मोहम्मद शाह ने अपना तरही मनकबती कलाम पेश किया।बाद नमाज़ इशा हल्का ए ज़िक्र व महफ़िल समां कौवाली के साथ उर्स ए मुबारक का समापन मुल्क की शांति भाइचारा की दुआओं के साथ किया गया।