पलिवारपुर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु
बस्ती। ग्राम सभा पलिवारपुर में श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ। सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य प्रमोद पांडेय ने अपनी ओजस्वी एवं मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म और आध्यात्म के संदेशों को आत्मसात किया।कथा के दौरान आचार्य प्रमोद पांडेय ने माता सती अनुसूया द्वारा माता सीता को दिए गए पातिव्रत्य धर्म के उपदेश का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने इस प्रसंग के माध्यम से नारी के त्याग, समर्पण, धैर्य और आदर्श जीवन के महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम द्वारा कबंध राक्षस के वध और लंका विजय के प्रसंगों का सजीव चित्रण कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा व्यास ने बताया कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। आचार्य ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को संस्कार, सद्भाव और नैतिकता का संदेश भी देते हैं। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने, बड़ों का सम्मान करने तथा जरूरतमंदों की सेवा करने की प्रेरणा देती है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य यजमान ने सपरिवार किया पूजन अर्चनकथा के दौरान मुख्य यजमान श्रीमती पूनम सिंह ने अपने पति सुनील सिंह एवं परिवार के सदस्यों के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कथा के समापन पर आरती हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रभु के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।श्री दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक एवं कथा आयोजक रविंद्र सिंह ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ ही लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों की सराहना की। समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया।
कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था
आयोजन को सफल बनाने में डॉ. रत्नेश सिंह, आलोक सिंह, विपुल सिंह, राम जन्म यादव, शुभम सिंह और विष्णु प्रताप ने सराहनीय योगदान दिया। कार्यकर्ताओं ने कथा स्थल पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को संभाला। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने आयोजन को भक्तिमय और यादगार बना दिया।